चंडीगढ़, 18 जून 2026:चंडीगढ़ को अधिक समावेशी एवं सभी वर्गों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नगर निगम चंडीगढ़ के हॉर्टिकल्चर विभाग द्वारा आज सेक्टर-36 स्थित फ्रेगरेंस गार्डन में दिव्यांगजन अनुकूल आधारभूत ढांचा परियोजना के विकास कार्य का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक नारियल फोड़कर कार्यारंभ किया गया। कार्यक्रम में वार्ड नंबर-24 के पार्षद एवं पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर श्री जसबीर सिंह बंटी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनके प्रयासों से यह महत्वपूर्ण परियोजना क्षेत्र को प्राप्त हुई।
इस परियोजना का उद्देश्य उद्यान को दिव्यांगजनों, दृष्टिबाधित व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों तथा सभी आगंतुकों के लिए पूर्णतः सुलभ एवं बाधा-मुक्त बनाना है, ताकि सभी नागरिक समान रूप से इसकी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर एसडीओ श्री हिमांशु कुमार ने परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसकी प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने बताया कि दृष्टिबाधित व्यक्तियों की सुविधा के लिए वॉकिंग ट्रैक के साथ एक फुट चौड़ा पीला टैक्टाइल पाथवे बनाया जाएगा, जिससे वे सुरक्षित एवं स्वतंत्र रूप से उद्यान में भ्रमण कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त जॉगिंग ट्रैक को भी दिव्यांगजन अनुकूल बनाया जाएगा ताकि व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं एवं अन्य विशेष आवश्यकता वाले नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
उन्होंने बताया कि उद्यान में विभिन्न स्थानों पर, विशेष रूप से मंच क्षेत्र तक पहुंच के लिए रैंप बनाए जाएंगे, जिससे दिव्यांगजन, दृष्टिबाधित व्यक्ति एवं वरिष्ठ नागरिक बिना किसी कठिनाई के सभी सुविधाओं तक पहुंच सकें। इसके अलावा पूरे उद्यान में दिशा-सूचक संकेतक तथा ब्रेल साइनज स्थापित किए जाएंगे, जिससे आगंतुकों को मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
परियोजना के अंतर्गत आधुनिक दिव्यांगजन अनुकूल शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, जिन्हें विशेष रूप से दिव्यांगजन, दृष्टिबाधित व्यक्तियों एवं ट्रांसजेंडर समुदाय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसके अतिरिक्त उद्यान के प्रवेश द्वार पर पेयजल सुविधा स्थापित की जाएगी तथा वहां भी रैंप का निर्माण किया जाएगा ताकि सभी नागरिकों को निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो सके।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:
• दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पार्किंग सुविधा।
• पूरे उद्यान में बाधा-मुक्त मार्ग।
• दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए टैक्टाइल गाइडिंग पाथ।
• दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय।
• दिशा-सूचक एवं ब्रेल साइनज।
• बहुभाषीय ब्रेल निकासी मानचित्र
• पेयजल सुविधा।
• विभिन्न स्थानों पर रैंप एवं अन्य सुगम्यता संबंधी सुविधाएं।
पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान करने एवं कार्य प्रारंभ करवाने के लिए नगर निगम चंडीगढ़ के आयुक्त, मुख्य अभियंता, हॉर्टिकल्चर विभाग तथा अन्य अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिव्यांगजन एवं दृष्टिबाधित नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएगी तथा शहर में समावेशी सार्वजनिक स्थलों के विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी।
परियोजना का औपचारिक शुभारंभ सेक्टर-36 बी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सरदार परमजीत सिंह द्वारा नारियल फोड़कर किया गया। इस अवसर पर सेक्टर-36 डी के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार कपीला, सेक्टर-36 सी के अध्यक्ष श्री अरुण अग्रवाल, सेक्टर-36 ए के उपाध्यक्ष श्री राकेश सलूजा, श्री राज कुमार शर्मा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य निवासी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
श्री राज कुमार शर्मा ने पार्षद जसबीर सिंह बंटी एवं नगर निगम चंडीगढ़ का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह एक दूरदर्शी एवं प्रगतिशील पहल है, जो समाज के सभी वर्गों के लिए बेहतर पहुंच एवं जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी।
इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड, सेक्टर-26 के चेयरमैन श्री दिनेश कुमार कपीला ने प्रशासन, नगर निगम चंडीगढ़ एवं पार्षद जसबीर सिंह बंटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह परियोजना चंडीगढ़ में अधिक सुलभ, समावेशी एवं नागरिक-अनुकूल सार्वजनिक स्थलों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी तथा भविष्य में शहर के अन्य पार्कों एवं सार्वजनिक स्थानों के लिए भी एक आदर्श मॉडल के रूप में कार्य करेगी।
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