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रमानी प्रेसिजन ने जीते दो एम.एस.एम.ई. राष्ट्रीय पुरस्कार

चंडीगढ़ / मोहाली २ जुलाई : रमानी प्रिसिजन प्राइवेट लिमिटेड मोहाली ने हाल ही में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीते जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदान किए गए।

कंपनी ने पहला पुरस्कार  मैन्युफैक्चरिंग कैटेगरी में जीता जिसे कंपनी के निदेशक तकनीकी, राहुल वर्मा ने प्राप्त किया  और निर्यात श्रेणी में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार  निदेशक इंजीनियरिंग   माणिक वर्मा   द्वारा प्राप्त किया गया। रमानी प्रिसिजन मशीन्स प्राइवेट लिमिटेड मोहाली 30 साल पुरानी कंपनी है जिसे कंपनी  के संस्थापक और प्रबंध निदेशक, श्री हरि ओम द्वारा शुरू किया गया।  23 वर्षों तक इंजीनियरिंग उद्योगों में  काम  करने के बाद वर्मा ने 1991 में इस उद्यम को शुरू किया। 1991 में एक भूखंड बेचने से अपनी यात्रा  को शुरू करने वाले  वर्मा अब विश्व स्तरीय कारखाने के मालिक हैं।

इस अवसर पर, श्री राहुल वर्मा ने कहा, "सभी क्षेत्रों में पूर्णता के लिए हमारी मुहिम, विश्व स्तरीय मानक और  हमारे उत्कृष्ट प्रदर्शन ने हमें 2 राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाए। यह  हमारे लिए  गर्व का क्षण है

उन्होंने  कहा  कि  पहली सफलता हमें 1998 में मिली जब रमानी ने  ऑटोमोटिव की बड़ी कंपनी  डेल्फ़ी - जनरल मोटर्स यूएसए  की  चुनौती को स्वीकार किया और  एक अनोखे  प्रोजेक्ट  को सफलतापूर्वक निष्पादित किया जिसे  दुनिया में पहली बार   प्रमाणित किया गया। इस चुनौती की सफलता के साथ के कारण वर्मा  को   तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री  अटल बिहारी वाजपेयी जी से सन  2000   में राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल  हुआ।  उन्होंने  कहा  कि  "दिलचस्प बात यह है कि नाम - रमानी - आरए नाम के पहले अक्षर से आता है – जिसका राहुल से लिया गया है और   मणि  - माणिक से।  

श्री राहुल वर्मा ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बी.टेक किया और  1999  में कंपनी  में जुड़े।  श्री माणिक वर्मा ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से बी.टेक, किया है। उसके   बाद उन्होंने  मारुति सुजुकी के  प्रोडक्शन इंजीनियरिंग विभाग में 3 साल तक वहां काम किया।

वर्ष 2005 में रमानी उन्होंने  पारिवारिक व्यवसाय में अपनी भागीदारी की। उन्होंने  कहा कि  हम अपने पिता श्री हरिओम वर्मा के पदचिन्हों पर चलते हुए एक जुनून के रूप में अथक मेहनत करते हुए  सामान्य कामकाजी घंटों के साथ  हम कंपनी को  नई ऊंचाइयों पर ले जाने के हुए काम कर रहे हैं।  उन्होंने  कहा  कि   आज 60% से अधिक राजस्व उच्च प्रौद्योगिकी उपकरणों और ऑटोमेशन सिस्टम निर्यात से आता है जिस  इन-हाउस डिजाइनों से   बिना किसी विदेशी सहयोग के विकसित किया जा रहा है  इसलिए, विदेशी मुद्रा पर खर्च करने के बजाए  , रमानी सक्रिय रूप से 'मेक इन इंडिया  ' को बढ़ावा दे रहे हैं जो कि भारत - हमारे प्रधानमंत्री द्वारा  परिकल्पित कार्यक्रम है।  पिछले कुछ वर्षों में, रमानी 10 लोगों से बढ़कर 100 लोगों तक पहुंच गया है, इसके साथ ही यह यह  ड्राइंग बोर्ड से 3डी हाई टेक्नालाजी डिजाइन. लेटेस्ट इलेक्ट्रिकल  इंजीनियरिंग  और सॉफ्टवेयर  डवलपमेंट  व  मॉडर्न मेन्यूफेक्चरिंग फैसिलिटी  तक  पहुंच गया है।  इस  दौरान  कंपनी ने  भारत और विदेशों में कई प्रतिष्ठित परियोजनाओं को क्रियान्वित किया  है।  वर्मा ने कहा कि 22 सालों के बाद फिर से, रमानी प्राइवेट लिमिटेड को प्रतिष्ठित एम.एस.एम.ई राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। यह रमानी टीम  के  लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। हम इसके लिए  हमारे सभी कर्मचारियों को बधाई देना चाहते हैं। हम अपने ग्राहकों को उनके सहयोग के लिए भी धन्यवाद देना चाहेंगे और हम विश्वास दिलाते हैं कि हम उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदान करते रहेंगे।

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