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विषय: नगर निगम की 360वीं बैठक में एनफोर्समेंट से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए

चंडीगढ़ नगर निगम की 360वीं बैठक के दौरान वार्ड नंबर 24 के पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने शहर में एनफोर्समेंट व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया।
उन्होंने बताया कि शहर में लगभग 25,000 वेंडर्स कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 13,000 वैध हैं, लेकिन नगर निगम को केवल लगभग 4,000 वेंडर्स से ही फीस प्राप्त हो रही है। बड़ी संख्या में अवैध वेंडर्स बिना किसी शुल्क के काम कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और सवाल उठाया कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने मांग की कि या तो अवैध वेंडर्स को हटाया जाए या उन्हें भी शुल्क के दायरे में लाकर नगर निगम के राजस्व को बढ़ाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अब तक काटे गए चालानों का पूरा ब्यौरा मांगा, जिसमें वसूली और लंबित मामलों की स्पष्ट जानकारी शामिल हो।

उन्होंने यह गंभीर मुद्दा भी उठाया कि पहले कुछ अवैध वेंडर्स से ₹500 प्रति सप्ताह लिया जाता था, जो अब बढ़कर ₹1000 प्रति सप्ताह तक पहुंच गया है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

एनफोर्समेंट टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई बार कर्मचारी जानबूझकर देरी से कार्रवाई करते हैं, जिससे अवैध वेंडर्स मौके से हट जाते हैं और कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पाती।

उन्होंने यह भी कहा कि वैध वेंडर्स को कोई उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जबकि अवैध वेंडर्स मनमर्जी से कहीं भी काम कर रहे हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है।

पार्षद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि अवैध वेंडर्स को हटाया जाना चाहिए और वैध वेंडर्स को वेंडिंग जोन में व्यवस्थित किया जाना चाहिए, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि स्टे के आधार पर जिन वेंडर्स को स्थान आवंटित किए गए हैं, उनमें कई अनरजिस्टर्ड वेंडर्स शामिल हैं और यह स्पष्ट किया जाए कि उन्हें किस आधार पर अनुमति दी गई।

इसके साथ ही पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने मेयर से सीधा सवाल करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” की बात की जा रही है, लेकिन न तो अवैध वेंडर्स की समस्या का समाधान हुआ है और न ही भ्रष्टाचार में कमी आई है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाए कि इस नीति का वास्तविक प्रभाव क्या रहा है।

अंत में पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने कहा कि यह पूरा मामला एनफोर्समेंट में पारदर्शिता की कमी, संभावित भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी को दर्शाता है, जिस पर तुरंत सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

जारीकर्ता:
जसबीर सिंह बंटी
पार्षद, वार्ड नंबर 24
चंडीगढ़

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