Chandigarh:सितंबर 2026: सेक्टर 46 स्थित श्रीधन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एंड अस्पताल (एसडीएसीएच) ने भारत सरकार केआयुष मंत्रालय के स्किल इंडिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न स्किल-बेस्डकोर्स शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य आयुष (आयुर्वेद, योग एवंप्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) क्षेत्र से जुड़े युवाओं कोजरूरी कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इन कोर्स में संबंधितक्षेत्र की जानकारी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इन कोर्सेज और अन्य महत्वपूर्ण घोषणाओं कीजानकारी एसडीएसीएच परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री धन्वंतरिआयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के जनरल सेक्रेटरी डॉ. नरेश मित्तल ने दी। इस अवसरपर संस्थान के डायरेक्टर एवं एडमिनिस्ट्रेटर पं. सुदर्शन कुमार शास्त्री भीउपस्थित थे।डॉ. नरेश मित्तल ने बताया कि आयुषक्षेत्र में युवाओं को रोजगार से जुड़ा और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्यसे संबद्धता प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसडीएसीएच, चंडीगढ़ में विभिन्नशॉर्ट-टर्म स्किल-बेस्ड कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इन कोर्स का उद्देश्य युवाओं कोआयुर्वेद और हेल्थकेयर क्षेत्र में रोजगार के लिए जरूरी कौशल प्रदान करना है।उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कोर्सेज मेंएक वर्ष का पंचकर्मा टेक्नीशियन कोर्स, तीन महीने का गर्भिणी मित्रा कोर्स और तीनमहीने का आयुर्वेद मसाजर कोर्स शामिल हैं। इनका संचालन स्किल इंडिया पहल के तहतकिया जाएगा। इसके अलावा बीएससी नर्सिंग आयुर्वेद और ‘मल्टी टास्क वर्कर’ कोर्सश्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र के साथ संबद्धता में संचालित किएजाएंगे।इन पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया 15 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि कक्षाएं 1 नवंबर, 2026 से शुरू होंगी।सभी कोर्स में प्रैक्टिकल क्लिनिकलट्रेनिंग और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।प्रतिभागियों को पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकोंऔर उपचार के नए तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी।कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वालेप्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, जिससे उन्हें आयुर्वेद और हेल्थकेयरक्षेत्र में रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। डॉ. मित्तल नेबताया कि इन कोर्स के प्रमाण पत्र हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल (एचएसएससी)द्वारा प्रदान किए जाएंगे। एचएसएससी नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी)द्वारा समर्थित इंडस्ट्री आधारित प्रमाणन संस्था है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में चल रही दो दिवसीयप्रशिक्षण कार्यशाला की जानकारी भी दी गई। डॉ. नरेश मित्तल ने बताया कि 24 सितंबरसे शुरू हुई यह कार्यशाला 25 सितंबर को संपन्न होगी। इसका आयोजन आयुष मंत्रालय केअधीन कार्यरत राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) के सहयोग से किया जा रहा है।आरएवी देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित अस्पतालों और कॉलेजों में इस तरह कीकार्यशालाएं आयोजित करता है। इसी पहल के तहत श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवंअस्पताल को भी इस दो दिवसीय कार्यशाला की मेजबानी के लिए चुना गया है।उन्होंने बताया कि कार्यशाला का विषयशालाक्य तंत्र है, जिसमें मुख्य रूप से ईएनटी से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा रहीहै। देशभर से करीब 35 से 40 डॉक्टर इस कार्यशाला में हिस्सा ले रहे हैं। विशेषज्ञऔर अतिथि वक्ता प्रतिभागियों को संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रहेहैं।कार्यशाला के दौरान आयुर्वेद के क्षेत्रमें हो रहे नए विकास, आधुनिक तकनीकों और विभिन्न उपचार पद्धतियों को एक साथइस्तेमाल करने जैसे विषयों पर भी विशेष चर्चा की जा रही है।डॉ. मित्तल ने बताया कि कृष्णा आयुषयूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र के वाइस चांसलर प्रोफेसर (वैद्य) करतार सिंह धीमान भीप्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल इसीविश्वविद्यालय से संबद्ध है। उन्होंने बताया कि आरएवी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसरडॉ. राकेश शर्मा भी विशेष रूप से कार्यशाला में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा ऑलइंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, दिल्ली और नेशनल आयुर्वेद इंस्टीट्यूट, पंचकूलाजैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर और विशेषज्ञ भी इसमें भाग ले रहे हैं।गुजरात और सोनीपत से भी विशेषज्ञ कार्यशाला में शामिल हो रहे हैं।डॉ. मित्तल ने कहा, “श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कार्यक्रम के तहत दर्द संबंधी विकारों के प्रबंधन के लिए 10 करोड़ रुपये की ग्रांट स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के तहत भारत सरकार के सहयोग से चार उत्पाद—तेल, लिनिमेंट, स्प्रे और पैच—विकसित कर पेटेंट प्राप्त किए गए हैं, जिन्हें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।”डॉ. मित्तल ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कार्यक्रम के तहत संस्थान में 250 बेड का नया और आधुनिकअस्पताल स्थापित किया जा रहा है। इस अस्पताल में आयुष की विभिन्न चिकित्सापद्धतियों को एक साथ शामिल करते हुए इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सुविधा उपलब्ध कराईजाएगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के निर्माण का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
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