पंचकुला, 29 जनवरी, 2026: बीजेपी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी (रिसर्च एवं पॉलिसी) पायलट नीरज सहरावत ने हरियाणा की एक अनाज मंडी में किसानों से संवाद करते हुए विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 पर विस्तार से चर्चा की। इस संवाद का केंद्र ग्रामीण रोजगार नीति में प्रस्तावित परिवर्तन, कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने, बुनियादी ढांचे के निर्माण और आय सुरक्षा को मजबूत करने पर रहा।
किसानों को संबोधित करते हुए पायलट नीरज सहरावत ने कहा, “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। गारंटीकृत रोजगार को उत्पादक परिसंपत्तियों, जल सुरक्षा और ग्रामीण अधोसंरचना से जोड़कर यह अधिनियम कृषि को मजबूती देता है, आय को स्थिर करता है और गांवों को सशक्त बनाता है। माननीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी की प्रतिबद्ध शासन-प्रणाली के तहत हरियाणा के किसान विकसित भारत 2047 की यात्रा का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।”
हरियाणा स्थित कृषि उद्यम शिवाप्रिया फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक सुमित कौशिक ने एकीकृत ग्रामीण विकास और किसान कल्याण पर दिए गए जोर का स्वागत करते हुए कहा, “हरियाणा सरकार ने किसान कल्याण के प्रति लगातार प्रगतिशील और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है। VB-G RAM G अधिनियम श्रम उपलब्धता सुनिश्चित करने, जल और बाजार अधोसंरचना को सुदृढ़ करने तथा जलवायु-सहिष्णु कृषि को बढ़ावा देकर ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करता है। इससे किसानों और कृषि उद्यमों—दोनों के लिए भरोसा, स्थिरता और दीर्घकालिक विकास के अवसर सृजित होते हैं।”
पायलट सहरावत ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी, किसान-केंद्रित और परिणामोन्मुख नेतृत्व में हरियाणा के किसान निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर हैं। सिंचाई, बाजार तक पहुंच, ग्रामीण अधोसंरचना और आय स्थिरता पर राज्य सरकार के निरंतर नीति-फोकस का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम हरियाणा के विकास पथ को और सुदृढ़ करता है, क्योंकि यह ग्रामीण रोजगार को उत्पादक परिसंपत्ति सृजन और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता से जोड़ता है।
VB-G RAM G अधिनियम, 2025 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का एक व्यापक वैधानिक पुनर्गठन है, जो विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह अधिनियम रोजगार सृजन को टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। कृषि और भूजल पुनर्भरण के लिए जल-संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दी गई है, वहीं सड़कों और संपर्क जैसी मुख्य ग्रामीण अधोसंरचना में निवेश से बाजार तक पहुंच में सुधार होता है। भंडारण सुविधाओं, ग्रामीण बाजारों और उत्पादन परिसंपत्तियों जैसी आजीविका अधोसंरचना आय विविधीकरण को सक्षम बनाती है, जबकि जल संरक्षण, बाढ़ निकासी और मृदा संरक्षण पर केंद्रित हस्तक्षेपों से जलवायु लचीलापन सुदृढ़ होता है।
यह अधिनियम राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर एक सशक्त संस्थागत ढांचा स्थापित करता है। सार्वजनिक धन की सुरक्षा और अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु केंद्र सरकार को स्पष्ट प्रवर्तन अधिकार प्रदान किए गए हैं। जांच, गंभीर अनियमितताओं की स्थिति में निधि निर्गमन निलंबन और सुधारात्मक कार्रवाई जैसे प्रावधान जवाबदेही को मजबूत करते हैं। एआई-सक्षम विश्लेषण, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जीपीएस और मोबाइल-आधारित निगरानी, रियल-टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण और अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण पर आधारित व्यापक पारदर्शिता ढांचा सार्वजनिक विश्वास और सामुदायिक सहभागिता को और सुदृढ़ करता है।
संवाद के समापन पर किसानों ने अधिनियम के प्रावधानों और इसके माध्यम से आजीविका, कृषि और ग्रामीण लचीलेपन को मिलने वाले लाभों में गहरी रुचि व्यक्त की। VB-G RAM G अधिनियम, 2025 सुदृढ़ डिजिटल शासन, संस्थागत जवाबदेही और विकासोन्मुख रोजगार को केंद्र में रखकर ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का एक रणनीतिक साधन बनाता है—जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के पूर्णतः अनुरूप है।
No comments:
Post a Comment