चंडीगढ़, 29 जनवरी :चंडीगढ़ के नितेश शर्मा भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) द्वारा पंजीकृत शहर के एकमात्र सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ हैं। वे वर्ष 2014 से न्यायपालिका के पैनल से जुड़े हुए हैं और 2021 से सामुदायिक कल्याण समितियों एवं विभिन्न पुलिस थानों में सांकेतिक भाषा के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहे हैं।
नितेश शर्मा ने उत्तरी क्षेत्र के बधिर पर्वतारोहियों के लिए चार अलग-अलग पर्वतीय चोटियों पर चढ़ाई अभियानों के दौरान लगातार चार महीने तक सांकेतिक भाषा में सहयोग प्रदान कर एक मिसाल कायम की है। इसके अतिरिक्त, वे भारत के माननीय राष्ट्रपति के तीन अवसरों पर दिए गए भाषणों का प्रत्यक्ष सांकेतिक भाषा अनुवाद भी कर चुके हैं।
उनके मार्गदर्शन में बधिर शिक्षकों द्वारा पंजाब में लोक अभियोजकों, लोक व्यवहार अधिकारियों सहित 500 से अधिक लोगों को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। नितेश शर्मा ने फिल्म ‘रब दी आवाज’ में सांकेतिक भाषा निर्देशक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और वे पिछले 14 वर्षों से आशा किरण, सेक्टर-46, चंडीगढ़ में सेवाएं दे रहे हैं। पुणे समाज के लिए सराहनीय कार्यों को लेकर गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रशासन की ओर से स्टेट अवार्ड देकर सम्मानित भी किया गया।
नितेश शर्मा के आदर्श उनके माता-पिता हैं, जो स्वयं बधिर एवं मूक हैं। यह उल्लेखनीय है कि उनकी माता को पंजाब सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं उनकी पत्नी श्रीमती शीतल नेगी शर्मा को चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
सांकेतिक भाषा और बधिर समुदाय के सशक्तिकरण के लिए नितेश शर्मा का योगदान न केवल चंडीगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
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