चंडीगढ़, 11 मई, 2026: जहां एक ओर वैश्विक रियल एस्टेट सेक्टर अभी भी ब्रोकर्स, बिचौलियों और बेचने के पारंपरिक तरीकों पर बहुत ज्यादा निर्भर है, वहीं चंडीगढ़ राजधानी क्षेत्र से जुड़े 24 साल के एक आंत्रप्रेन्योर, आगमन भाटिया ने अपने प्रॉपटेक स्टार्टअप डोरिट ('Dooritt') के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वर्चुअल रियलिटी (वीआर), ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और इमर्सिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके रियल एस्टेट को सीधे ग्राहकों के दरवाज़े तक पहुंचाने में प्रमुख भूमिका निभाई है।
फिलहाल, दुनिया की सबसे बड़ी एआई कंपनियां - जैसे प्रॉपलेक्सिटी एआई, गूगल जैमिनी, ओपनएआई और एंथोरॉपिक- मुख्य रूप से आईटी, हेल्थकेयर और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में रेवोल्यूशन लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं; लेकिन आगमन दुनिया के सबसे ज़्यादा असंगठित सेक्टर्स में से एक - रियल एस्टेट - में समाधान पेश कर रहे हैं। इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैश्विक रियल एस्टेट के भविष्य को नए सिरे से नया आकार दे सकता है, ठीक वैसे ही जैसे फिनटेक ने बैंकिंग को और ई-कॉमर्स ने रिटेल बिज़नेस को बदल दिया था।
आगमन भाटिया, को-फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर (सीपीओ), डोरिट और केएस भाटिया, को-फाउंडर और सीईओ, डोरिट ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विस्तार के एक नए फेज और टेक्निकल डेवलपमेंट की घोषणा करने के साथ-साथ यह जानकारी भी साझा की कि डोरिट किस तरह रियल एस्टेट क्षेत्र में क्रांति ला रहा है। गौरतलब है कि आगमन भाटिया, के.एस. भाटिया के बेटे हैं। के.एस. भाटिया चंडीगढ़ कैपिटल रीजन के एक ऐसे सफल उद्यमी हैं, जिन्होंने एक दशक पहले 'पम्पकार्ट' के ज़रिए पम्प इंडस्ट्री में क्रांति ला दी थी। आगमन और के एस भाटिया ने डोरिट के एक्सपीरियंस सेंटर्स के विस्तार को लेकर भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की।
डोरिट के इस नए इनोवेशन के बारे में बात करते हुए आगमन भाटिया ने कहा कि "डोरिट का लक्ष्य ग्राहकों के दरवाज़े तक वर्चुअल अनुभव पहुंचाना है। कोई भी संभावित ग्राहक डोरिट ऐप के ज़रिए अपने घर बैठे ही, बिल्कुल मुफ़्त में, किसी भी प्रॉपर्टी की वर्चुअल बुकिंग कर सकता है। इसके बाद, कंपनी का एक प्रतिनिधि (पार्टनर) एक 'मेटा हेडसेट' लेकर ग्राहक के पास जाता है और उस हेडसेट के ज़रिए ग्राहक को उनकी पसंद के क्षेत्र या शहर में मौजूद कई प्रॉपर्टीज़ का वर्चुअल अनुभव कराता है।"
आगमन ने बताया कि “ग्राहक एआई से बात कर सकते हैं और प्रोजेक्ट से जुड़ी कोई भी जानकारी पूछ सकते हैं, जैसे कमरों का साइज़, फ़्लैट की उपलब्धता, सुविधाएं, आस-पास के इलाके, प्रॉपर्टी की कीमत में बढ़ोतरी, एक्यूआई, आस-पास के स्कूल आदि के बारे में कुछ भी। संभावित ग्राहक ऐप में दिए गए तुलना चार्ट के ज़रिए वर्चुअल टूर करके प्रॉपर्टीज़ की तुलना कर सकते हैं। इसके बाद, एआई का ओओआरए (ऊरा) ग्राहक के लिए साइट विज़िट का प्लान बनाता है और गूगल मैप पर वह प्लान शेयर करता है। इस तरह, गूगल मैप की मदद से ग्राहक कुछ ही दिनों में 5-7 प्रॉपर्टीज़ देख लेते हैं और डील पक्की कर लेते हैं; ऐसा करने में आमतौर पर 2-3 महीने लग जाते थे।”
इस बीच, दोनों ने एआई की नई और बेहतर क्षमताओं को पेश किया और डोरिट के एक्सपीरियंस सेंटर्स के विस्तार का ऐलान किया। डोरिट का पहला एक्सपीरियंस सेंटर जून में नोएडा में शुरू होने वाला है, और उत्तरी भारत में विस्तार के पहले चरण में चंडीगढ़, शिमला और गुड़गांव शामिल हैं।
के.एस.भाटिया ने बताया कि “ये सेंटरएआई, ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) की मदद से प्रॉपर्टी को बड़े पैमाने पर और पूरी तरह से देखने का अनुभव देंगे।
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