चंडीगढ़, 08 जुलाई, 2026:* चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपनी स्वीकृत बिजली लोड की समीक्षा करें और उसे अपनी वास्तविक बिजली खपत के अनुरूप अपडेट कराएं। वर्षों के दौरान कई घरों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर, गीजर, इंडक्शन कुकटॉप, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर तथा अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरण जोड़े गए हैं। हालांकि, कई मामलों में स्वीकृत लोड/कॉन्ट्रैक्ट डिमांड को इस बढ़े हुए लोड के अनुरूप नहीं बढ़ाया गया है।
सीपीडीएल के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि कई कनेक्शनों में वास्तविक उपयोग किया जा रहा लोड स्वीकृत लोड से अधिक है। उपभोक्ता हमेशा इस अंतर से अवगत नहीं होते, लेकिन इससे बिजली वितरण नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और उपभोक्ता परिसरों के भीतर सुरक्षा संबंधी जोखिम भी उत्पन्न हो सकते हैं।
30 अक्टूबर 2025 को संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (JERC) द्वारा अनुमोदित टैरिफ आदेश के अनुसार, स्वीकृत लोड से अधिक उपयोग करने पर लोड उल्लंघन शुल्क लगाया जा सकता है, जिसमें अतिरिक्त मांग तथा उससे संबंधित ऊर्जा पर दंडात्मक शुल्क शामिल हैं।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी वर्तमान बिजली आवश्यकताओं का आकलन करें और आवश्यकता होने पर लोड बढ़ाने के लिए आवेदन करें। स्वीकृत लोड को अपडेट करने से सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलती है तथा सिस्टम प्लानिंग भी बेहतर होती है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उपभोक्ता का स्वीकृत लोड 5 किलोवाट है, लेकिन मीटर में दर्ज अधिकतम मांग 7 किलोवाट है, तो अतिरिक्त लोड 2 किलोवाट माना जाएगा। इसी तरह, यदि बिलिंग अवधि के दौरान कुल बिजली खपत 700 यूनिट है, तो अतिरिक्त लोड से संबंधित खपत 200 यूनिट मानी जाएगी। इस स्थिति में 2 किलोवाट अतिरिक्त लोड और उससे संबंधित 200 यूनिट बिजली खपत का बिल लागू सामान्य टैरिफ की दोगुनी दर से लगाया जाएगा, जैसा कि लागू विनियमों में प्रावधान है।
सीपीडीएल के प्रवक्ता ने कहा, "चंडीगढ़ की बिजली आवश्यकताएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में हम उपभोक्ताओं से अनुरोध करते हैं कि वे सुनिश्चित करें कि उनका स्वीकृत लोड उनकी वास्तविक बिजली खपत को सही रूप से दर्शाता हो।"
लोड बढ़ाने के इच्छुक उपभोक्ता सीपीडीएल के ग्राहक सेवा केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं या मार्गदर्शन और सहायता के लिए कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जा सकते हैं।
*सीईए ने उपभोक्ताओं को स्वीकृत सीमा के भीतर लोड रखने की सलाह दी*
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने बिजली के सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपयोग पर जारी अपनी हालिया एडवाइजरी में उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपना कनेक्टेड लोड स्वीकृत सीमा के भीतर रखें और लोड में किसी भी वृद्धि की जानकारी बिजली वितरण कंपनी को दें। इससे विद्युत प्रणाली का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलती है और विद्युत दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
*चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) के बारे में:*
चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की विद्युत वितरण एवं खुदरा विद्युत आपूर्ति कंपनी है। आरपी–संजीव गोयनका समूह (RP–Sanjiv Goenka Group) के पावर व्यवसाय का हिस्सा होने के नाते, CPDL विश्वसनीय, सुरक्षित और दक्ष विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक प्रणालियों और सक्रिय उपभोक्ता सहभागिता के माध्यम से उपभोक्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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