खरड़:-खरड़ और घडूयाँ व आसपास के क्षेत्र के किडनी पेशेंट्स के लिए अब मोहाली या चंडीगढ़ की तरफ जाने की जरूरत नही है। खासकर उनके लिए जिन्हें रोजाना ही डायलसिस के लिए मोहाली या चंडीगढ़ की तरफ भागना पड़ता है। उनके लिए अच्छी बात यह हुई है कि घडूयाँ में विख्यात अल्फा चंडीगढ़ हॉस्पिटल में डायलसिस सेन्टर की शुरुआत हो गई है।
अल्फा चंडीगढ़ हॉस्पिटल के सी ई ओ- डॉक्टर सिद्धार्थ दुग्गल ने बताया कि वर्ष 2023 में अल्फा चंडीगढ़ हॉस्पिटल घडूयाँ में शुरु किया गया था। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन, गायनी, ओबेसिटी, डेंटल केअर, पड़ियाट्रिक्स एंड नियोनेटलोजी, ऑप्थल्मोलॉजी, जनरल एंड लैप्रोस्कोपि सर्जरी, ऑर्थो एंड फिजियोथेरेपी, ई एन टी, यूरोलॉजी, अनेस्थेसिया एंड क्रिटिकल केअर और प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी सहित अल्ट्रासाउंड और रेडियोलोजी एंड डायग्नोस्टिक सेवाएं विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम के साथ बेहद ही किफायती दामों पर उपलब्ध हैं।
उन्होंने आगे बताया कि किडनी पेशेंट्स की डायलसिस को लेकर पेश आ रही दिक्कत को देखते हुए अल्फा चंडीगढ़ हॉस्पिटल द्वारा वाईटस केअर के सहयोग से आज से डायलसिस सेन्टर की शुरुआत की जा रही है। तीन बेड वाले इस डायलसिस सेन्टर में डायलसिस पेशेंट्स को बेहद की किफायती दामों पर सेवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उनका हॉस्पिटल प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत और
मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत एमपनेलड है। इसके अलावा कई सारी इन्षुरेन्स कम्पनीज के साथ भी टाई अप है।
इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर रजत ने बताया कि मौजूदा समय मे बिगड़ती जीवन शैली भी इंसान में बढ़ रही बीमारियों का मुख्य कारण है। आजकल बेसमय खानपान और भागदौड़ भरी जिंदगी, कम नींद भी बीमारियों को न्योता है। उन्होंने बताया कि हर किसी को अपनी जीवन शैली में सुधार लाते हुए उचित खानपान, उचित नींद और फिजिकल एक्टिविटी भी शामिल करना चाहिए।
वाईटस केअर के आपरेशन मैनेजर सांवर सिंह और जी एम प्रोजेक्ट फैसल महमूद ने बताया कि वाईटस केअर की उत्तर भारत मे 70 सेन्टर है। यहां अल्फा चंडीगढ़ हॉस्पिटल में 5 मशीन का सेट अप लगाया गया है। भारत की तेजी से उभर रही वाईटस केअर महीने में 20000 डायलसिस की सेवाएं दे रहे है। हमारी कंपनी क्वालिटी डायलसिस सेवा उपलब्ध करवाते हैं।
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