चंडीगढ़। 13वीं बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की प्रथम महिला कमांडेंट श्रीमती कमल सिसोदिया ने अपना अत्यंत सफल, प्रेरणादायी एवं गौरवपूर्ण कार्यकाल पूर्ण कर एक नई मिसाल स्थापित की है। उनका कार्यकाल उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुकरणीय प्रशासन, उच्च स्तरीय परिचालन दक्षता, अधीनस्थ कार्मिकों के कल्याण तथा सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।
श्रीमती कमल सिसोदिया ने 13वीं बटालियन का नेतृत्व ऐसे समय में संभाला जब यह बटालियन पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री सहित ज़ेड प्लस, ज़ेड एवं वाई श्रेणी के अति विशिष्ट व्यक्तियों (VVIPs) की सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील दायित्व का निर्वहन कर रही थी। उनके कुशल नेतृत्व, प्रभावी पर्यवेक्षण, उत्कृष्ट समन्वय, सतत प्रशिक्षण एवं उच्च स्तर की परिचालन तैयारी के परिणामस्वरूप पूरे कार्यकाल में बटालियन ने "जीरो ऑपरेशनल एरर" का गौरवपूर्ण रिकॉर्ड बनाए रखा, जो उनकी नेतृत्व क्षमता एवं पेशेवर उत्कृष्टता का परिचायक है।
उन्होंने बटालियन में प्रशासनिक सुधार, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन तथा पारदर्शी प्रशासन को नई दिशा प्रदान की। उनके नेतृत्व में 13वीं बटालियन को "बेस्ट एडमिनिस्ट्रेटिव बटालियन" तथा "बेस्ट कॉस्ट इफेक्टिव बटालियन" जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए, जिसने पूरे सीआरपीएफ में बटालियन की विशिष्ट पहचान स्थापित की।
स्वयं राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट खिलाड़ी होने के कारण, जिन्होंने जूडो, कराटे, एथलेटिक्स, तैराकी सहित विभिन्न खेलों में अनेक पदक अर्जित किए हैं, उन्होंने बटालियन में खेल संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं व्यक्तिगत प्रेरणा के परिणामस्वरूप 13वीं बटालियन ने खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कीं तथा सीआरपीएफ ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिता में प्रथम उपविजेता (First Runner-Up) बनने का गौरव हासिल किया।
श्रीमती सिसोदिया बचपन से ही एक उत्कृष्ट वक्ता रही हैं तथा विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर अनेक वाद-विवाद एवं वक्तृत्व प्रतियोगिताओं में सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी इस विशेष क्षमता का उपयोग जवानों, युवाओं एवं विशेष रूप से युवा छात्राओं को प्रेरित करने, तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, व्यक्तित्व विकास तथा महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करने में किया। उनके प्रेरक व्याख्यानों एवं परामर्श सत्रों से अनेक लोगों को नई दिशा एवं आत्मविश्वास प्राप्त हुआ।
कार्मिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने जवानों के आवासीय एवं मूलभूत ढांचे में व्यापक सुधार कराए। आधुनिक बैरकों, शौचालयों एवं स्नानगृहों का निर्माण एवं उन्नयन, अत्याधुनिक जिम, मनोरंजन सुविधाएँ तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के माध्यम से उन्होंने जवानों के जीवन स्तर, सम्मान एवं मनोबल को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं।
सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी उनका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय रहा। उन्होंने दिव्यांगजनों, एसिड अटैक पीड़िताओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों तथा समाज के वंचित वर्गों के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम एवं विभिन्न सामाजिक अभियानों का सफल संचालन किया। उन्होंने अनेक अवसरों पर दिव्यांग बच्चों के साथ जन्मदिन मनाकर सामाजिक संवेदनशीलता एवं मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
अपने बहुआयामी योगदान के लिए श्रीमती कमल सिसोदिया को अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया गया, जिनमें महिला एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप अवॉर्ड, आयरन लेडी अवॉर्ड, महिला अचीवर अवॉर्ड तथा महिला उद्यमी अवॉर्ड प्रमुख हैं। उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया। उनके कार्यों की सराहना पंजाब के माननीय राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक, पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं द्वारा की गई।
श्रीमती कमल सिसोदिया का कार्यकाल 13वीं बटालियन सीआरपीएफ के इतिहास में सदैव प्रेरणा, उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं राष्ट्रसेवा के स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्मरण किया जाएगा।
अब उन्हें एक नई एवं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। 13वीं बटालियन सीआरपीएफ के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान उनके प्रेरणादायी नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं अमूल्य योगदान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य तथा नई जिम्मेदारी में निरंतर सफलता की मंगलकामना करते हैं।
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